मुख्य बिंदु
- आयोग की मंज़ूरी: कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी शर्तों को मंज़ूरी दे दी है, जिससे 1 करोड़ से ज़्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फ़ायदा होगा।
- कार्यान्वयन समय: इसकी सिफ़ारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है, जिसके बाद कर्मचारियों को बकाया राशि मिलेगी।
- वृद्धि का आधार: यह वृद्धि मुख्य रूप से फिटमेंट फ़ैक्टर पर निर्भर करेगी। रिपोर्टों के अनुसार, यह 2.5 से 2.86 के बीच हो सकती है।
- वेतन वृद्धि: अनुमान है कि कर्मचारियों के मूल वेतन में 30% से 35% की वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹46,260 हो सकता है।
8th Pay Commission को मिली मंजूरी, कब होगा लागू?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है! केंद्र सरकार ने 8th Pay Commission के गठन की शर्तों (Terms of Reference – ToR) को मंजूरी दे दी है। यह आयोग अगले 18 महीनों में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, वेतन आयोग की सिफ़ारिशें हर 10 साल में लागू की जाती हैं। इसी क्रम में, 8वें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और लागू होने में भले ही समय लगे, लेकिन कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2026 से बढ़ा हुआ वेतन और पेंशन, एरियर सहित मिलने लगेगा।
सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8th Pay Commission से सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी?
- वेतन और पेंशन:
- यदि सातवें वेतन आयोग के समान फॉर्मूला अपनाया जाता है, तो रिपोर्ट्स बताती हैं कि न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹46,260 हो सकता है।
- अनुमान है कि मूल वेतन में औसतन 30% से 35% की वृद्धि हो सकती है।
- भत्तों में बढ़ोतरी:
- मूल वेतन में वृद्धि के साथ, मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जैसे भत्ते भी आनुपातिक रूप से बढ़ेंगे, क्योंकि ये भत्ते मूल वेतन से जुड़े होते हैं।
- महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को भी नए मूल वेतन में मिला दिया जाएगा।



