बिहार सरकार की “मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना” (जिसे अक्सर “जीविका दीदी योजना” भी कहा जाता है) राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना के तहत, सरकार ने महिलाओं को स्व-रोज़गार शुरू करने में मदद करने के लिए उनके बैंक खातों में ₹10,000 का सीधा हस्तांतरण (DBT के माध्यम से) करने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने कई किश्तों में लाखों महिलाओं के खातों में यह राशि पहुँचा दी है, लेकिन बिहार में अभी भी लाखों महिलाएं हैं जो ₹10,000 की इस पहली किश्त का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हैं। अगर आपके खाते में यह पैसा नहीं आया है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। इसके पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं, जिनका समाधान आसानी से किया जा सकता है।
₹10,000 खाते में नहीं आने के मुख्य कारण
आपके खाते में राशि न पहुंचने के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हो सकते हैं, जिन्हें आपको तुरंत चेक करना चाहिए:
- आवेदन और दस्तावेज़ त्रुटियाँ
सबसे आम कारण यह है कि आपके आवेदन फॉर्म या उससे जुड़े दस्तावेजों में कोई गलती रह गई हो।
- बैंक विवरण में गलती: आवेदन फॉर्म भरते समय बैंक खाता संख्या (Account Number) या IFSC कोड गलत दर्ज कर दिया गया हो। एक छोटी सी टाइपिंग की गलती भी आपके पैसे को रोक सकती है।
- अधूरा या गलत फॉर्म: हो सकता है कि आपने फॉर्म में कोई आवश्यक जानकारी छोड़ दी हो, या वह ठीक से सत्यापित (Verify) न हो पाया हो।
- आधार और बैंक विवरण का मेल न खाना: आपके आधार कार्ड पर दर्ज नाम, जन्मतिथि, या पता आपके बैंक खाते में दर्ज विवरण से मेल नहीं खा रहा हो। डीबीटी (DBT) के माध्यम से पैसा भेजते समय यह सबसे बड़ी बाधा होती है।
2. बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्याएँ
सरकारी योजनाओं में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से पैसा भेजा जाता है, जिसके लिए बैंक खाते का कुछ खास शर्तों को पूरा करना ज़रूरी होता है।
- आधार/NPCI लिंक न होना (DBT सक्रिय नहीं): आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक (Aadhaar Seeding) होना चाहिए, और उसमें NPCI (National Payments Corporation of India) मैपर सक्रिय (DBT Enable) होना चाहिए। अगर आपका खाता NPCI मैपर से नहीं जुड़ा है, तो सरकारी सब्सिडी या योजना का पैसा आपके खाते में नहीं आ पाएगा।
- खाता निष्क्रिय (Inactive) होना: अगर आपने लंबे समय से अपने बैंक खाते में कोई लेन-देन नहीं किया है, तो बैंक उसे निष्क्रिय कर देता है। ऐसे खाते में भी पैसा नहीं भेजा जाता है।
- e-KYC अधूरा होना: यदि आपके बैंक खाते की KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी नहीं है या पुरानी है, तो बैंक आपका खाता होल्ड कर सकता है, जिससे पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाएगा।
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3. योजना के क्रियान्वयन और लिस्टिंग में देरी
- क्रमबद्ध किश्तें (Installments): सरकार चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से किश्तें जारी कर रही है। जिन महिलाओं को पहली किश्त में लाभ नहीं मिला है, उन्हें अगली किश्त में पैसा भेजा जाएगा।
- नाम सत्यापन प्रक्रिया: बिहार महिला रोज़गार योजना में करोड़ों महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। सभी आवेदनों और बैंक खातों के सत्यापन (Verification) में समय लगता है। हो सकता है कि आपके नाम का सत्यापन अभी पूरा न हुआ हो या अंतिम सूची (Final List) में आने में कुछ समय लग रहा हो।
4. जीविका समूह से संबंधित मुद्दे
यह योजना मुख्य रूप से जीविका (Bihar Rural Livelihoods Promotion Society – BRLPS) के माध्यम से संचालित हो रही है।
- डेटा अपलोड न होना: यदि आपका नाम और बैंक विवरण सही है, लेकिन आपके समूह या ब्लॉक मिशन कार्यालय द्वारा आपका डेटा (Data) अभी तक एनआरएलएम (NRLM) पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है, तो भी राशि अटक सकती है।
- जीविका समूह से न जुड़ा होना: यदि आप जीविका समूह या किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से नहीं जुड़ी हैं, तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।
खाते में पैसे नहीं आने पर तुरंत क्या करें? (समाधान)
यदि आपके खाते में ₹10,000 नहीं आए हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- अपना ‘पेमेंट स्टेटस’ ऑनलाइन चेक करें
सबसे पहले और सबसे ज़रूरी, आपको अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति (Payment Status) की जाँच करनी चाहिए:
योजना के पोर्टल पर चेक करें: मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना की आधिकारिक वेबसाइट (mmry.brlps.in) पर जाकर अपना आवेदन संख्या c मोबाइल नंबर डालकर भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।
PFMS पोर्टल का उपयोग: आप PFMS (Public Financial Management System) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। ‘Know Your Payment’ विकल्प चुनें और अपना बैंक का नाम तथा खाता संख्या (Account Number) दर्ज करके स्टेटस चेक करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि पैसा सरकार द्वारा भेजा गया है या नहीं।
योजना के पोर्टल पर चेक करें: मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना की आधिकारिक वेबसाइट (mmry.brlps.in) पर जाकर अपना आवेदन संख्या और मोबाइल नंबर डालकर भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।
2.बैंक से संबंधित त्रुटियों को ठीक करें
यदि ऑनलाइन स्टेटस ‘Pending’ या ‘Payment Failed’ दिखा रहा है, तो तुरंत अपने बैंक जाएँ:
आधार/NPCI लिंक करवाएं: बैंक मैनेजर से मिलकर अपने खाते को आधार और NPCI मैपर से तुरंत लिंक करवाएं (DBT सक्रिय करवाएं)।
e-KYC और विवरण अपडेट करें: यदि आपकी KYC अधूरी है, तो उसे पूरा करें। साथ ही, सुनिश्चित करें कि बैंक खाते में आपका नाम, पता, और मोबाइल नंबर आधार कार्ड से पूरी तरह मेल खाता हो।
खाता सक्रिय करवाएं: यदि आपका खाता निष्क्रिय हो गया है, तो उसे सक्रिय (Activate) करवाएं।
3. जीविका/ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें
यदि आप जीविका दीदी हैं, तो अपने ग्राम संगठन (VO) या ब्लॉक मिशन कार्यालय (Block Mission Office) से संपर्क करें।अधिकारियों से पूछें कि क्या आपका नाम लाभार्थियों की सूची (Beneficiary List) में दर्ज हो चुका है और क्या आपका डेटा NRLM पोर्टल पर सही तरीके से अपलोड किया गया है।
4. अगली किश्त का इंतजार करें
यदि आपके सभी दस्तावेज़ और बैंक खाते सही हैं, और सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो धैर्य रखें। सरकार ने आगे भी कई किश्तें जारी करने की तारीखें घोषित की हैं। आपका नाम अगली सूची में शामिल होने पर पैसा आपके खाते में सीधे आ जाएगा।
निष्कर्ष : बिहार महिला रोज़गार योजना एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका लाभ करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है। ₹10,000 की राशि न आने का मतलब यह नहीं है कि आपको योजना से बाहर कर दिया गया है। आमतौर पर यह तकनीकी या दस्तावेज़ी त्रुटियों के कारण होता है। ऊपर बताए गए उपायों को अपनाकर आप आसानी से इन समस्याओं का समाधान कर सकती हैं और जल्द ही इस योजना का लाभ उठा पाएंगी।

